जूनागढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
बिक्रम केशरी देव (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 32.8% वोट पाकर जूनागढ़ सीट जीती और महेश्वर बारड (INC) को 9,263 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 98 फुलबनी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 98 औल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिक्रम केशरी देव | 32,37532.8% | |
| 2 | महेश्वर बारड | 23,11223.4% | |
| 3 | प्रमोद कुमार सिंह जनता दल | जनता दल | 17,04317.3% |
| 4 | अयूब अल्ली खान SJP(R) | SJP(R) | 12,61412.8% |
| 5 | रजनीकांत बैठारू निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2564.3% |
| 6 | रंजन नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8503.9% |
| 7 | कृष्णा चन्द्र डी. एच. माझी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6411.7% |
| 8 | बिरंचिनारायण पाढि निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2031.2% |
| 9 | नरसिंह पंडा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1761.2% |
| 10 | रूद्र प्रसाद साहू | 7840.8% | |
| 11 | कुंज साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 4580.5% |
| 12 | सुरेन्द्र मल्लिक निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जूनागढ़ से कौन जीता, 1974–2004
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 43.0% से घटकर 32.8% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 50.0% से बढ़कर 71.7% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974उदित प्रताप देव (SWA), जीत का अंतर 22.9%
- 1977महेश्वर बारड (INC), जीत का अंतर 14.0%
- 1980महेश्वर बारड (INC(I)), जीत का अंतर 30.8%
- 1985बिक्रम केशरी देव (JNP), जीत का अंतर 17.1%
- 1990बिक्रम केशरी देव (BJP), जीत का अंतर 15.7%
- 1995बिक्रम केशरी देव (BJP), जीत का अंतर 9.4%
- 2000हिमांशु शेखर मेहेर (BJP), जीत का अंतर 10.3%
- 2004हिमांशु शेखर मेहेर (BJP), जीत का अंतर 24.1%