धर्मगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
बीरा सिपका (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 31.6% वोट पाकर धर्मगढ़ सीट जीती और भक्ता चरण दास (SJP(R)) को 1,139 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 96 उदयगिरि थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 96 पाटकुरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
धर्मगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,139 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बीरा सिपका जनता दल | जनता दल | 29,30231.6% |
| 2 | भक्ता चरण दास SJP(R) | SJP(R) | 28,16330.4% |
| 3 | छबिलाल नाग | 22,97024.8% | |
| 4 | भाग्यबान सागर | 6,5077.0% | |
| 5 | दीनबंधु जल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1273.4% |
| 6 | दुर्योधन हरिजन | 1,6391.8% | |
| 7 | गोखरा महानंद निर्दलीय | निर्दलीय | 6890.7% |
| 8 | केशरी मंगराज निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 9 | सबर सुनानी निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धर्मगढ़ से कौन जीता, 1974–2004
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.7% से घटकर 31.6% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 46.3% से बढ़कर 66.9% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJD ने जीती।
- 1974दयानिधि नाईक (SWA), जीत का अंतर 34.5%
- 1977गजानन नायक (INC), जीत का अंतर 4.1%
- 1980गजानन नायक (INC(I)), जीत का अंतर 29.9%
- 1985जुगराम बेहेरा (INC), जीत का अंतर 35.0%
- 1990भारत भूषण बेमल (JD), जीत का अंतर 21.9%
- 1995बीरा सिपका (JD), जीत का अंतर 1.2%
- 2000बीरा सिपका (BJD), जीत का अंतर 16.1%
- 2004बीरा सिपका (BJD), जीत का अंतर 12.5%