बांकीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
प्रभात त्रिपाठी (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर बांकी सीट जीती और डॉ. योगेश चन्द्र राउत (INC) को 2,312 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 46 भुवनेश्वर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 46 धामनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। प्रभात त्रिपाठी 2.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रभात त्रिपाठी जनता दल | जनता दल | 53,62348.6% |
| 2 | डॉ. योगेश चन्द्र राउत | 51,31146.5% | |
| 3 | सुबल कुमार बेहेरा | 2,1071.9% | |
| 4 | मानस मोहन मोहन्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4081.3% |
| 5 | नित्यानंद त्रिपाठी | 5830.5% | |
| 6 | कान्हू चरण माझी निर्दलीय | निर्दलीय | 4470.4% |
| 7 | शरत चन्द्र त्रिपाठी निर्दलीय | निर्दलीय | 3580.3% |
| 8 | रजनी कुमार मंगराज SJP(R) | SJP(R) | 3070.3% |
| 9 | कृपासिंधु बेहेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बांकी से कौन जीता, 1974–2004
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.1% से घटकर 48.6% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 64.4% से बढ़कर 78.4% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJD ने जीती।
- 1974योगेश चंदा राउत (IND), जीत का अंतर 18.3%
- 1977योगेश चन्द्र राउत (INC), जीत का अंतर 12.3%
- 1980अक्षय कुमार पटनायक (INC(I)), जीत का अंतर 16.9%
- 1985अक्षय कुमार पट्टनायक (INC), जीत का अंतर 31.6%
- 1990घनश्याम साहू (JD), जीत का अंतर 18.8%
- 1995प्रभात त्रिपाठी (JD), जीत का अंतर 2.1%
- 2000प्रभात त्रिपाठी (BJD), जीत का अंतर 19.9%
- 2004देबाशीष पटनायक (INC), जीत का अंतर 1.0%