किसाननगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
युधिष्ठिर दास (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 48.5% वोट पाकर किसाननगर सीट जीती और बीरा किशोर परिडा (INC) को 1,085 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 39 महंगा थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 39 रेमुणा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
किसाननगर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,085 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | युधिष्ठिर दास जनता दल | जनता दल | 50,01248.5% |
| 2 | बीरा किशोर परिडा | 48,92747.4% | |
| 3 | सर्बेश्वर स्वाईं | 1,6141.6% | |
| 4 | चित्तरंजन मोहन्ती | 8350.8% | |
| 5 | अजीत राय निर्दलीय | निर्दलीय | 5520.5% |
| 6 | केलू चरण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4300.4% |
| 7 | कृष्ण च. दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3100.3% |
| 8 | रत्नाकर दलेई निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.2% |
| 9 | गोलेखा दास PSSS | PSSS | 1590.1% |
| 10 | पद्मनाभ मिश्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किसाननगर से कौन जीता, 1974–2004
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.4% से बढ़कर 48.5% हो गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 62.5% से बढ़कर 72.6% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJD ने जीती।
- 1974बटकृष्ण जेना (UTC), जीत का अंतर 11.3%
- 1977बटकृष्ण जेना (JNP), जीत का अंतर 30.0%
- 1980सुरेंद्रनाथ पटनायक (IND), जीत का अंतर 7.6%
- 1985बटकृष्ण जेना (INC), जीत का अंतर 25.0%
- 1990युधिष्ठिर दास (JD), जीत का अंतर 21.3%
- 1995युधिष्ठिर दास (JD), जीत का अंतर 1.1%
- 2000प्रताप जेना (BJD), जीत का अंतर 18.9%
- 2004प्रताप जेना (BJD), जीत का अंतर 21.7%