पट्टामुंडईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
गणेश्वर बेहेरा (INC) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 41.1% वोट पाकर पट्टामुंडई सीट जीती और शिप्रा मल्लिक (JD) को 12,148 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 31 केन्द्रपाड़ा थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 31 उदला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गणेश्वर बेहेरा | 44,38041.1% | |
| 2 | शिप्रा मल्लिक जनता दल | जनता दल | 32,23229.8% |
| 3 | राधाकांत सेठी OCP | OCP | 15,49314.3% |
| 4 | अनाथबंधु मल्लिक निर्दलीय | निर्दलीय | 7,1846.7% |
| 5 | धीरेन्द्र नाथ मल्लिक | 4,1043.8% | |
| 6 | रबीन्द्र कुमार बेहेरा वाम दल | वाम दल | 1,6871.6% |
| 7 | अशोक कुमार मल्लिक | 1,6721.6% | |
| 8 | संदीप मल्लिक | 6300.6% | |
| 9 | कल्पना मल्लिक निर्दलीय | निर्दलीय | 5660.5% |
| 10 | बिनोद सेठी निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पट्टामुंडई से कौन जीता, 1974–2004
INC ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 55.7% से बढ़कर 65.6% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJD ने जीती।
- 1974बिस्वनाथ मल्लिक (INC), जीत का अंतर 9.3%
- 1977तापस कुमार दास (JNP), जीत का अंतर 30.3%
- 1980बिस्वनाथ मल्लिक (INC(I)), जीत का अंतर 32.6%
- 1985गणेश्वर बेहेरा (INC), जीत का अंतर 26.7%
- 1990राधाकांत सेठी (CPM), जीत का अंतर 15.3%
- 1995गणेश्वर बेहेरा (INC), जीत का अंतर 11.3%
- 2000तापस कुमार दास (BJD), जीत का अंतर 7.5%
- 2004किशोर चन्द्र तराई (BJD), जीत का अंतर 13.1%