बहलदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
खेलाराम माहली (JPP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 30.4% वोट पाकर बहलदा सीट जीती और सुरेन्द्र नाथ नाईक (JD) को 1,175 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 3 रायरंगपुर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 3 बारगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बहलदा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,175 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | खेलाराम माहली JPP | JPP | 21,56430.4% |
| 2 | सुरेन्द्र नाथ नाईक जनता दल | जनता दल | 20,38928.7% |
| 3 | बिरसा कंदनकेल | 15,95922.5% | |
| 4 | छत्राई हाँसदाह | 2,0923.0% | |
| 5 | रामराय माझी | 2,0292.9% | |
| 6 | प्रहलाद पुरती निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6782.4% |
| 7 | बागुन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1651.6% |
| 8 | फागू बास्की JKP | JKP | 1,0721.5% |
| 9 | सुनील मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 9351.3% |
| 10 | पूर्णिमा मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 8631.2% |
| 11 | रामचंद्र हाँसदाह निर्दलीय | निर्दलीय | 8001.1% |
| 12 | दुलालाल माहली निर्दलीय | निर्दलीय | 4180.6% |
| 13 | ठाकुरदास सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 3210.5% |
| 14 | गुलिया हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.4% |
| 15 | लक्ष्मण सिंह पुरती निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.4% |
| 16 | गोविन्द सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.3% |
| 17 | घासीराम मरांडी निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.3% |
| 18 | अनंत टुडू निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.3% |
| 19 | सुदर्शन सोय निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.3% |
| 20 | बिक्रमादित्य टुडू निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.2% |
| 21 | कान्हू सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.2% |
| 22 | जितराई हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बहलदा से कौन जीता, 1974–2004
JPP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JPP की पहली जीत थी। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 43.3% से बढ़कर 60.0% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974शशि भूषण मरांडी (IND), जीत का अंतर 0.7%
- 1977सूनाराम सोरेन (JNP), जीत का अंतर 30.9%
- 1980रामा चन्द्र हाँसदाह (INC(I)), जीत का अंतर 10.5%
- 1985बहगे गोवर्धन (JNP), जीत का अंतर 36.3%
- 1990खेलाराम माहली (IND), जीत का अंतर 3.1%
- 1995खेलाराम माहली (JPP), जीत का अंतर 1.7%
- 2000लक्ष्मण सोरेन (BJP), जीत का अंतर 2.9%
- 2004प्रहलाद पुरती (JMM), जीत का अंतर 1.0%