बारगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
प्रसन्न आचार्य (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 49.3% वोट पाकर बारगढ़ सीट जीती और सुरेश्वर सतपथी (INC) को 10,150 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 127 चंपुआ थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 127 छत्रपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रसन्न आचार्य जनता दल | जनता दल | 65,98749.3% |
| 2 | सुरेश्वर सतपथी | 55,83741.8% | |
| 3 | अशोक पंडा | 4,1923.1% | |
| 4 | गणनाथ पधान | 2,0261.5% | |
| 5 | मिखा सुना | 1,5341.1% | |
| 6 | कुबेर जल यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2100.9% |
| 7 | जिला पधान निर्दलीय | निर्दलीय | 8060.6% |
| 8 | करुणा सिका निर्दलीय | निर्दलीय | 5310.4% |
| 9 | तेजराज पधान निर्दलीय | निर्दलीय | 4500.3% |
| 10 | प्रेमानंद भुए निर्दलीय | निर्दलीय | 3400.3% |
| 11 | ध्रुव चरण बेहेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 3090.2% |
| 12 | तेजराज नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 2940.2% |
| 13 | शिबा जेसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और BJP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बारगढ़ से कौन जीता, 1974–2004
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 64.8% से घटकर 49.3% रह गया। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 60.3% से बढ़कर 73.9% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJD ने जीती।
- 1974नबीन कुमार प्रधान (UTC), जीत का अंतर 5.1%
- 1977नबीन कुमार पधान (JNP), जीत का अंतर 28.0%
- 1980जादूमनि पधान (INC(I)), जीत का अंतर 30.4%
- 1985जदुमणि प्रधान (INC), जीत का अंतर 15.0%
- 1990प्रसन्न आचार्य (JD), जीत का अंतर 31.4%
- 1995प्रसन्न आचार्य (JD), जीत का अंतर 7.6%
- 2000आनंदा आचार्य (BJD), जीत का अंतर 33.7%
- 2004आनंदा आचार्य (BJD), जीत का अंतर 3.2%