बौधविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
सच्चिदानंद दलाल (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 40.4% वोट पाकर बौध सीट जीती और नब कुमार मिश्रा (INC) को 2,491 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 105 पाटनागढ़ थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 105 काकटपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सच्चिदानंद दलाल 2.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सच्चिदानंद दलाल जनता दल | जनता दल | 44,42340.4% |
| 2 | नब कुमार मिश्रा | 41,93238.1% | |
| 3 | भास्कर चन्द्र मेहेर | 14,02612.8% | |
| 4 | सौमित्री नायक SJP(R) | SJP(R) | 2,9782.7% |
| 5 | हिमांशु शेखर पाढ़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8642.6% |
| 6 | केदारनाथ साहू PSSS | PSSS | 2,2182.0% |
| 7 | अनादि बादी निर्दलीय | निर्दलीय | 5600.5% |
| 8 | बिशिकेशन प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 4350.4% |
| 9 | लक्ष्मण बेहेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 3540.3% |
| 10 | मंजुलता महापात्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बौध से कौन जीता, 1974–2004
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.0% से घटकर 40.4% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 59.5% से बढ़कर 76.6% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974नलबर प्रधान (SWA), जीत का अंतर 9.7%
- 1977नटवर प्रधान (JNP), जीत का अंतर 21.7%
- 1980हिमांशु शेखर पांधी (INC(I)), जीत का अंतर 20.3%
- 1985सुजीत कुमार पाढि (INC), जीत का अंतर 13.2%
- 1990सच्चिदा नंदा दलाल (JD), जीत का अंतर 20.1%
- 1995सच्चिदानंद दलाल (JD), जीत का अंतर 2.3%
- 2000प्रदीप कुमार अमात (IND), जीत का अंतर 0.9%
- 2004प्रदीप कुमार अमात (BJD), जीत का अंतर 10.3%