फुलबनीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
दाशरथी बेहेरा (निर्दलीय) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 36.6% वोट पाकर फुलबनी सीट जीती और पद्मनाभ बेहेरा (JD) को 1,836 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 104 लोईसिंघा थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 104 जगतसिंहपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
फुलबनी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,836 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दाशरथी बेहेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 40,23136.6% |
| 2 | पद्मनाभ बेहेरा जनता दल | जनता दल | 38,39534.9% |
| 3 | शकुंतला महालिक | 16,39414.9% | |
| 4 | रामाबिसी दिगल निर्दलीय | निर्दलीय | 9,6088.7% |
| 5 | रघुनाथ सेठी | 3,4703.2% | |
| 6 | बाका दिगल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2961.2% |
| 7 | चन्द्र शेखर बेहेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 3720.3% |
| 8 | रवि नारायण बेहेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फुलबनी से कौन जीता, 1974–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 48.2% से बढ़कर 75.0% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJD ने जीती।
- 1974चन्द्र शेखर बेहेरा (INC), जीत का अंतर 11.6%
- 1977प्रहलाद बेहेरा (JNP), जीत का अंतर 24.3%
- 1980चन्द्र शेखर बेहेरा (INC(I)), जीत का अंतर 26.9%
- 1985अभिमन्यु बेहेरा (INC), जीत का अंतर 22.0%
- 1990पद्मनाभ बेहेरा (JD), जीत का अंतर 30.6%
- 1995दाशरथी बेहेरा (IND), जीत का अंतर 1.7%
- 2000बिष्णु प्रिया बेहेरा (BJD), जीत का अंतर 10.8%
- 2004पद्मनाभ बेहेरा (BJD), जीत का अंतर 14.0%