बाणपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1961
मिश्रा रघुनाथ (GP) ने 1961 के विधान सभा चुनाव में 46.3% वोट पाकर बाणपुर सीट जीती और रौतारा सच्चिदानंद (INC) को 5,404 वोटों से हराया।
1961 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 81 बिंझारपुर थी। 1961 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 81 मलकानगिरि है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मिश्रा रघुनाथ 24.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मिश्रा रघुनाथ | 10,26646.3% | |
| 2 | रौतारा सच्चिदानंद | 4,86221.9% | |
| 3 | महारथी रामचंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3,53615.9% |
| 4 | बराल श्रीचरण वाम दल | वाम दल | 3,35115.1% |
| 5 | फणिग्राही सुदर्शन निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।