मेलछामुंडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1961
पाढ़ी सच्चिदानन्द (INC) ने 1961 के विधान सभा चुनाव में 37.8% वोट पाकर मेलछामुंडा सीट जीती और बहिदार प्रफुल्लकुमार (GP) को 1,807 वोटों से हराया।
1961 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 50 तालचेर थी। 1961 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 50 काकटपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पाढ़ी सच्चिदानन्द | 5,79737.8% | |
| 2 | बहिदार प्रफुल्लकुमार | 3,99026.0% | |
| 3 | पधान लकनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4679.6% |
| 4 | साहू माना निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2838.4% |
| 5 | साहू ब्रजमोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1427.5% |
| 6 | मिश्र अनिरुध्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0907.1% |
| 7 | साहू बनमाली निर्दलीय | निर्दलीय | 5603.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।