देवनहल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एम. आर. जयराम (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 53.4% वोट पाकर देवनहल्ली सीट जीती और बी. एम. कृष्णप्पागौड़ा (निर्दलीय) को 3,554 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 93 मोलकालमूरु थी।
विजेता
6.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. आर. जयराम | 28,21153.4% | |
| 2 | बी. एम. कृष्णप्पागौड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 24,65746.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (84वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 84वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देवनहल्ली से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.9% से बढ़कर 53.4% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 64.0% से बढ़कर 65.5% हो गया।
- 1967डी. एस. गौड (INC), जीत का अंतर 1.5%
- 1972एम. आर. जयराम (INC), जीत का अंतर 6.7%