येलहंकाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
ए. एम. सूर्यनारायण गौउड़ा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 58.1% वोट पाकर येलहंका सीट जीती और बी. वी. रामचंद्र रेड्डी (NCO) को 9,958 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 82 येलबुर्गा थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — ए. एम. सूर्यनारायण गौउड़ा 30.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए. एम. सूर्यनारायण गौउड़ा | 18,75158.1% | |
| 2 | बी. वी. रामचंद्र रेड्डी | 8,79327.3% | |
| 3 | सी. बालसुंदरम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0869.6% |
| 4 | एम. जयदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 9833.0% |
| 5 | बी. आर. रामे गौउड़ा | 6512.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (192वाँ), सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 192वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, NCO और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
येलहंका से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 63.6% से घटकर 50.1% रह गया।
- 1967बी. नारायणस्वामप्पा (IND), जीत का अंतर 3.9%
- 1972ए. एम. सूर्यनारायण गौउड़ा (INC), जीत का अंतर 30.9%