शिवाजीनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एस. हामीद शा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 44.6% वोट पाकर शिवाजीनगर सीट जीती और ए. अज़ीज़ मेनोन (निर्दलीय) को 5,722 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 79 लिंगसुगूर थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एस. हामीद शा 19.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. हामीद शा | 12,98944.6% | |
| 2 | ए. अज़ीज़ मेनोन निर्दलीय | निर्दलीय | 7,26724.9% |
| 3 | एस. जे. हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 4,42915.2% |
| 4 | के. एन. लक्ष्मीनरसिंहय्या | 4,13514.2% | |
| 5 | सी. मुद्दे गौउड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 3091.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (211वाँ), सामान्य अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 211वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शिवाजीनगर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.5% से बढ़कर 44.6% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 50.4% से घटकर 42.7% रह गया।
- 1967एच. आर. ए. गफ्फार (INC), जीत का अंतर 14.8%
- 1972एस. हामीद शा (INC), जीत का अंतर 19.6%