फोर्टविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
टी. आर. शामन्ना (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 33.1% वोट पाकर फोर्ट सीट जीती और डी. एस. नरसिंगा राव (INC) को 2,416 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 77 देवदुर्ग थी।
विजेता
5.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | टी. आर. शामन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 13,62533.1% |
| 2 | डी. एस. नरसिंगा राव | 11,20927.3% | |
| 3 | टी. के. थिम्मरायी गौउड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 9,26222.5% |
| 4 | के. जी. सुब्बराम शेट्टी | 6,74616.4% | |
| 5 | जी. शिवशंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.5% |
| 6 | बी. सी. केशव गौउड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 670.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (175वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 175वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फोर्ट से कौन जीता, 1967–1972
1967 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत लगभग 1967 जितना ही रहा: 53.0%।
- 1967टी. आर. शामन्ना (IND), जीत का अंतर 31.6%
- 1972टी. आर. शामन्ना (IND), जीत का अंतर 5.9%