चामराजपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
यातल नागराज (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 29.3% वोट पाकर चामराजपेट सीट जीती और आर. दयानंद सागरार (INC) को 1,044 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 76 कलमला थी।
विजेता
चामराजपेट का फ़ैसला सिर्फ़ 2.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,044 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | यातल नागराज निर्दलीय | निर्दलीय | 15,45629.3% |
| 2 | आर. दयानंद सागरार | 14,41227.3% | |
| 3 | एस. एन. नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 7,66214.5% |
| 4 | एच. एम. इस्माईल निर्दलीय | निर्दलीय | 7,62414.5% |
| 5 | डॉ. बी. के. कृष्णैया निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4036.5% |
| 6 | के. एम. नंजप्पा | 2,1754.1% | |
| 7 | जी., नारायण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0912.1% |
| 8 | एस. सैमुअल | 3950.8% | |
| 9 | के. चिक्कण्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.5% |
| 10 | के. नारायण स्वामी | 2470.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (160वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 160वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चामराजपेट से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 51.4% से बढ़कर 55.8% हो गया।
- 1967आर. डी. सागर (INC), जीत का अंतर 9.4%
- 1972यातल नागराज (IND), जीत का अंतर 2.0%