चिकपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
के. एम. नागंना (JPP) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 35.5% वोट पाकर चिकपेट सीट जीती और कालपांडा थिम्मय्या (INC) को 1,222 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 75 रायचूर थी।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। के. एम. नागंना 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. एम. नागंना JPP | JPP | 8,93635.5% |
| 2 | कालपांडा थिम्मय्या | 7,71430.7% | |
| 3 | वाटाल नागराज निर्दलीय | निर्दलीय | 5,54922.1% |
| 4 | पी. कृष्ण मूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4785.9% |
| 5 | एन. शंकरनारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 5782.3% |
| 6 | आर. शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.8% |
| 7 | वेंकटेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.5% |
| 8 | कुप्पास्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.5% |
| 9 | ए. सत्यजी राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.5% |
| 10 | आर. ईस्वरय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.4% |
| 11 | आर. राजू निर्दलीय | निर्दलीय | 820.3% |
| 12 | जी. रंगास्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 760.3% |
| 13 | बी. कृष्णप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 280.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (202वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 202वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिकपेट से कौन जीता, 1967–1972
JPP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 61.0% से घटकर 47.0% रह गया।
- 1967वी. नागराज (IND), जीत का अंतर 14.5%
- 1972के. एम. नागंना (JPP), जीत का अंतर 4.9%