मल्लेश्वरमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एम. एस. कृष्णन (CPI) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 53.6% वोट पाकर मल्लेश्वरम सीट जीती और पी. रामदेव (निर्दलीय) को 18,419 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 73 मुंडरगी थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एम. एस. कृष्णन 30.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. एस. कृष्णन | 31,92553.6% | |
| 2 | पी. रामदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 13,50622.7% |
| 3 | बी. एम. रामा कृष्णप्पा | 7,25612.2% | |
| 4 | के. बी. वेंकटेश निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6829.5% |
| 5 | केसरी गोपिनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 4610.8% |
| 6 | एच. एस. शेषीभूषण निर्दलीय | निर्दलीय | 4100.7% |
| 7 | रामदास निर्दलीय | निर्दलीय | 3690.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (187वाँ), सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 187वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, एक निर्दलीय और BJS को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मल्लेश्वरम से कौन जीता, 1967–1972
CPI ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 51.6% से घटकर 50.7% रह गया।
- 1967एम. एस. कृष्णन (CPM), जीत का अंतर 3.1%
- 1972एम. एस. कृष्णन (CPI), जीत का अंतर 30.9%