गौरीबिदनूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
वी. कृष्ण राव (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 59.9% वोट पाकर गौरीबिदनूर सीट जीती और आर. एन. लक्ष्मीपति (NCO) को 10,913 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 61 हानगल थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — वी. कृष्ण राव 21.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वी. कृष्ण राव | 30,46959.9% | |
| 2 | आर. एन. लक्ष्मीपति | 19,55638.5% | |
| 3 | टी. एम. अंजय्या शेट्टी निर्दलीय | निर्दलीय | 4770.9% |
| 4 | सीताराम रेड्डी | 3650.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (45वाँ), सामान्य अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 45वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और NCO को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गौरीबिदनूर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 75.2% से घटकर 69.8% रह गया।
- 1967आर. एन. लक्ष्मीपति (IND), जीत का अंतर 5.9%
- 1972वी. कृष्ण राव (INC), जीत का अंतर 21.5%