तिपटूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
टी. एम. मंजुनाथ (NCO) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 61.2% वोट पाकर तिपटूर सीट जीती और वी. एल. शिवप्पा (INC) को 17,905 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 53 कारवार थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — टी. एम. मंजुनाथ 33.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | टी. एम. मंजुनाथ | 33,19261.2% | |
| 2 | वी. एल. शिवप्पा | 15,28728.2% | |
| 3 | चौदरी शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2956.1% |
| 4 | का बोरपा | 1,6543.0% | |
| 5 | के. पी. रेवणसिद्धप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 5130.9% |
| 6 | पी. सी. शिवनंजप्पा | 3210.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (33वाँ), सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 33वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
NCO और INC को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिपटूर से कौन जीता, 1967–1972
NCO ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 70.0% से बढ़कर 70.8% हो गया।
- 1967एम. एस. नीलकंठस्वामी (INC), जीत का अंतर 17.9%
- 1972टी. एम. मंजुनाथ (NCO), जीत का अंतर 33.0%