चिक्कनायकनहल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एन. बसवय्या (NCO) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 50.9% वोट पाकर चिक्कनायकनहल्ली सीट जीती और ए. बी. मरिअप्पा (INC) को 1,890 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 52 खानापुर थी।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। एन. बसवय्या 4.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एन. बसवय्या | 21,33550.9% | |
| 2 | ए. बी. मरिअप्पा | 19,44546.4% | |
| 3 | के. एल. ननंजय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1342.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (91वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 91वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
NCO और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिक्कनायकनहल्ली से कौन जीता, 1967–1972
NCO ने यह सीट PSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 69.5% से घटकर 64.5% रह गया।
- 1967सी. के. आर. शेट्टी (PSP), जीत का अंतर 1.0%
- 1972एन. बसवय्या (NCO), जीत का अंतर 4.5%