हरिहरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एच. सिद्धवीरप्पा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 55.5% वोट पाकर हरिहर सीट जीती और गंजीवीरप्पा (NCO) को 8,916 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 38 चिक्कोडी थी।
विजेता
13.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एच. सिद्धवीरप्पा | 35,62055.5% | |
| 2 | गंजीवीरप्पा | 26,70441.6% | |
| 3 | बी. गुरुलिंगप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7932.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (26वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 26वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और NCO को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हरिहर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 78.7% से घटकर 72.1% रह गया।
- 1967एच. सिद्धवीरप्पा (IND), जीत का अंतर 1.1%
- 1972एच. सिद्धवीरप्पा (INC), जीत का अंतर 13.9%