हुलसूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
महेन्द्र कुमार कल्लप्पा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 67.1% वोट पाकर हुलसूर सीट जीती और मारुति देवेन्द्र (SOP) को 9,123 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 3 बीदर थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — महेन्द्र कुमार कल्लप्पा 46.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र कुमार कल्लप्पा | 13,28267.1% | |
| 2 | मारुति देवेन्द्र | 4,15921.0% | |
| 3 | शिवराम मोघा निर्दलीय | निर्दलीय | 9544.8% |
| 4 | ब्रह्मकांत नरसिंग राव | 6673.4% | |
| 5 | मसाजी एकनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 4712.4% |
| 6 | नागेन्द्र राव नरसिंग निर्दलीय | निर्दलीय | 2521.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (216वाँ), सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 216वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और SOP को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हुलसूर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.4% से बढ़कर 67.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 45.4% से घटकर 30.6% रह गया।
- 1967पी. आर. धोंडीभा (INC), जीत का अंतर 9.8%
- 1972महेन्द्र कुमार कल्लप्पा (INC), जीत का अंतर 46.1%