येलबुर्गाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
प्रभुराज एल. पाटिल (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 70.2% वोट पाकर येलबुर्गा सीट जीती और ए. जी. विरूपाक्षगौड़ा पाटिल (NCO) को 15,425 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 27 तिकोटा थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रभुराज एल. पाटिल 44.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रभुराज एल. पाटिल | 24,43070.2% | |
| 2 | ए. जी. विरूपाक्षगौड़ा पाटिल | 9,00525.9% | |
| 3 | अज्जय्यस्वामी रुद्रय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 9702.8% |
| 4 | शंकरप्पा बंगारशेट्टर | 4201.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (198वाँ), सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 198वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और NCO को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
येलबुर्गा से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 61.9% से बढ़कर 70.2% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 62.3% से घटकर 48.1% रह गया।
- 1967सी. गौउड़ा (INC), जीत का अंतर 25.9%
- 1972प्रभुराज एल. पाटिल (INC), जीत का अंतर 44.3%