बीजापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
के. टी. राठोड (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 58.5% वोट पाकर बीजापुर सीट जीती और पंडित विष्णु केशव (NCO) को 9,235 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में कोई सीट नंबर 213 नहीं थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — के. टी. राठोड 23.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. टी. राठोड | 23,20558.5% | |
| 2 | पंडित विष्णु केशव | 13,97035.2% | |
| 3 | बी. करिबसप्पा नागूर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4693.7% |
| 4 | बी. चन्नप्पा सायबन्ना | 5931.5% | |
| 5 | आई. एफ़. महिबूबपाश्या निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.6% |
| 6 | कुंटोडी कजुडलेप्पा संगप्पा | 1660.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (142वाँ), सामान्य अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 142वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और NCO को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बीजापुर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 67.8% से घटकर 58.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 54.0% से बढ़कर 58.9% हो गया।
- 1967पी. बी. मल्लनगौडा (INC), जीत का अंतर 48.4%
- 1972के. टी. राठोड (INC), जीत का अंतर 23.3%