मुद्देबिहालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एस. एम. मुरिगेप्पा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 40.3% वोट पाकर मुद्देबिहाल सीट जीती और जी. एस. मल्लप्पा (NCO) को 757 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में कोई सीट नंबर 209 नहीं थी।
विजेता
मुद्देबिहाल का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 757 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. एम. मुरिगेप्पा | 17,77840.3% | |
| 2 | जी. एस. मल्लप्पा | 17,02138.6% | |
| 3 | एन. एम. अंगप्पा | 8,41519.1% | |
| 4 | एम. के. रुद्रस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 8822.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (96वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 96वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, NCO और BJS को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुद्देबिहाल से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.9% से घटकर 40.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 60.5% से बढ़कर 64.2% हो गया।
- 1967जी. एस. मल्लप्पा (INC), जीत का अंतर 13.5%
- 1972एस. एम. मुरिगेप्पा (INC), जीत का अंतर 1.7%