देवदुर्गविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
शरणप्पा (NCO) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 42.0% वोट पाकर देवदुर्ग सीट जीती और अंबन्ना (INC) को 2,216 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 20 बादामी थी।
विजेता
7.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शरणप्पा | 12,79542.0% | |
| 2 | अंबन्ना | 10,57934.7% | |
| 3 | सदाशिवप्पा पाटिल निर्दलीय | निर्दलीय | 6,83822.4% |
| 4 | सिद्दप्पा बीजापुर | 2450.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (203वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 203वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
NCO, INC और एक निर्दलीय को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देवदुर्ग से कौन जीता, 1967–1972
NCO ने यह सीट SWA से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 52.7% से घटकर 46.8% रह गया।
- 1967एस. पी. बी. पाटिल (SWA), जीत का अंतर 27.5%
- 1972शरणप्पा (NCO), जीत का अंतर 7.3%