हुक्केरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
नूली विरूपाक्षप्पा बसप्पा (NCO) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 48.2% वोट पाकर हुक्केरी सीट जीती और एस. एच. उतुबुद्दी पीपज़ादे (INC) को 1,450 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 194 टी. नरसीपुर थी।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। नूली विरूपाक्षप्पा बसप्पा 3.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नूली विरूपाक्षप्पा बसप्पा | 19,07948.2% | |
| 2 | एस. एच. उतुबुद्दी पीपज़ादे | 17,62944.5% | |
| 3 | बी. जी. गेटन्नावर | 1,2433.1% | |
| 4 | लगमा रामा नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 8892.3% |
| 5 | बी. वी. मठपति | 7291.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (103वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 103वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
NCO, INC और SWA को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हुक्केरी से कौन जीता, 1967–1972
NCO ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 60.6% से बढ़कर 63.8% हो गया।
- 1967अप्पण्णगौडा (INC), जीत का अंतर 8.4%
- 1972नूली विरूपाक्षप्पा बसप्पा (NCO), जीत का अंतर 3.7%