नवलगुंदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
के. एम. करवीरप्पा (NCO) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 51.3% वोट पाकर नवलगुंद सीट जीती और आर. एम. पाटिल (INC) को 2,122 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 183 कृष्णराजपेट थी।
विजेता
5.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. एम. करवीरप्पा | 21,71651.3% | |
| 2 | आर. एम. पाटिल | 19,59446.3% | |
| 3 | के. के. बसपा | 1,0132.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (चौथा), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से चौथा)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
NCO और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नवलगुंद से कौन जीता, 1967–1972
NCO ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 76.6% से बढ़कर 78.0% हो गया।
- 1967पी. आर. मरिगौडा (INC), जीत का अंतर 52.2%
- 1972के. एम. करवीरप्पा (NCO), जीत का अंतर 5.0%