हानगलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एस. पी. चंद्रशेखरप्पा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 65.6% वोट पाकर हानगल सीट जीती और एस. एम. शिवलिंगप्पा (NCO) को 16,346 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 173 सोलूर थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एस. पी. चंद्रशेखरप्पा 34.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. पी. चंद्रशेखरप्पा | 31,34865.6% | |
| 2 | एस. एम. शिवलिंगप्पा | 15,00231.4% | |
| 3 | सी. बी. यल्लप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 8061.7% |
| 4 | डब्ल्यू. बी. देवप्पावाडियार | 6361.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (अठारहवाँ), सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से अठारहवाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और NCO को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हानगल से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 68.9% से बढ़कर 73.4% हो गया।
- 1967पी. बी. रुद्रगौड़ा (IND), जीत का अंतर 5.2%
- 1972एस. पी. चंद्रशेखरप्पा (INC), जीत का अंतर 34.2%