अंकोलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
आर. के. महाबलेश्वर (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 41.8% वोट पाकर अंकोला सीट जीती और वी. के. रमाकांत नार्वेकर (NCO) को 5,574 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 163 चामराजपेट थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — आर. के. महाबलेश्वर 16.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर. के. महाबलेश्वर | 14,24141.8% | |
| 2 | वी. के. रमाकांत नार्वेकर | 8,66725.4% | |
| 3 | एस. वी. जठार | 5,84317.1% | |
| 4 | शंकर केणी | 3,2269.5% | |
| 5 | आर. जी. नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0906.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (151वाँ), सामान्य अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 151वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अंकोला से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट PSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 60.9% से घटकर 57.1% रह गया।
- 1967एन. डी. सर्वेश्वर (PSP), जीत का अंतर 19.2%
- 1972आर. के. महाबलेश्वर (INC), जीत का अंतर 16.4%