सोरबविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एस. बंगारप्पा (SOP) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 46.1% वोट पाकर सोरब सीट जीती और आर. सी. पाटिल (INC) को 7,294 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 158 बंगारपेट थी।
विजेता
14.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. बंगारप्पा | 22,53746.1% | |
| 2 | आर. सी. पाटिल | 15,24331.2% | |
| 3 | एच. के. रुद्रप्पा नाईक | 11,13322.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (छठा), सामान्य अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से छठा)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SOP, INC और NCO को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सोरब से कौन जीता, 1967–1972
SOP ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 77.0% से बढ़कर 77.8% हो गया।
- 1967एस. बनगरप्पा (SSP), जीत का अंतर 26.0%
- 1972एस. बंगारप्पा (SOP), जीत का अंतर 14.9%