चन्नगिरिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एन. जी. मलप्पा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 54.5% वोट पाकर चन्नगिरि सीट जीती और डी. एम. राघवप्पा (निर्दलीय) को 8,420 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 151 शिडलघट्टा थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एन. जी. मलप्पा 16.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एन. जी. मलप्पा | 27,09754.5% | |
| 2 | डी. एम. राघवप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 18,67737.5% |
| 3 | के. थिप्पन्ना | 3,9798.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (121वाँ), सामान्य अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 121वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चन्नगिरि से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 70.2% से घटकर 61.6% रह गया।
- 1967एन. जी. हालप्पा (SSP), जीत का अंतर 25.4%
- 1972एन. जी. मलप्पा (INC), जीत का अंतर 16.9%