चिकमगलूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
ई. ई. वाज (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 65.2% वोट पाकर चिकमगलूर सीट जीती और सी. आर. शिवानंद (NCO) को 13,760 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 147 मधुगिरि थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — ई. ई. वाज 42.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ई. ई. वाज | 21,28865.2% | |
| 2 | सी. आर. शिवानंद | 7,52823.0% | |
| 3 | बी. गोविंदा राजू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8345.6% |
| 4 | के. पी. आर. प्रभु | 1,3924.3% | |
| 5 | बी. ए. कृष्णेगौड़ा | 4851.5% | |
| 6 | एस. वी. टी. गुप्ता | 1470.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (183वाँ), सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 183वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और NCO को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिकमगलूर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट PSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 48.3% से बढ़कर 52.2% हो गया।
- 1967सी. एम. एस. शास्त्री (PSP), जीत का अंतर 10.6%
- 1972ई. ई. वाज (INC), जीत का अंतर 42.1%