उडुपीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
मनोरमा मध्वराय (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 58.5% वोट पाकर उडुपी सीट जीती और वी. एस. आचार्य (BJS) को 14,944 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 139 सिरा थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मनोरमा मध्वराय 33.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनोरमा मध्वराय | 26,02058.5% | |
| 2 | वी. एस. आचार्य | 11,07624.9% | |
| 3 | सुरेंद्रनाथ मालपे निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5368.0% |
| 4 | श्रीधर एम. कलमाडी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5315.7% |
| 5 | पेरोडी विट्ठल शेट्टी निर्दलीय | निर्दलीय | 9192.1% |
| 6 | गोविंदा शेट्टी | 4030.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (ग्यारहवाँ), सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से ग्यारहवाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJS और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उडुपी से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.4% से बढ़कर 58.5% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 73.7% से बढ़कर 76.1% हो गया।
- 1967एस. के. अमीन (INC), जीत का अंतर 3.2%
- 1972मनोरमा मध्वराय (INC), जीत का अंतर 33.6%