बंटवालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
बी. वी. कक्किलाया (CPI) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 62.5% वोट पाकर बंटवाल सीट जीती और ए. रुकमाया पुजारी (BJS) को 18,269 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 134 श्रवणबेलगोला थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बी. वी. कक्किलाया 38.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी. वी. कक्किलाया | 30,03162.5% | |
| 2 | ए. रुकमाया पुजारी | 11,76224.5% | |
| 3 | शेख इब्राहिम साहेब निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8438.0% |
| 4 | एस. आई. जे. मोरास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9724.1% |
| 5 | ईश्वर भट्ट परपकजे | 4340.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (57वाँ), सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 57वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI और BJS को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बंटवाल से कौन जीता, 1967–1972
CPI ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 73.1% से घटकर 68.4% रह गया।
- 1967के. एल. राय (INC), जीत का अंतर 21.7%
- 1972बी. वी. कक्किलाया (CPI), जीत का अंतर 38.0%