विराजपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
जी. के. सुब्बय्या (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 63.7% वोट पाकर विराजपेट सीट जीती और एन. लोकय्या नाईक (BJS) को 9,157 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 120 बैंदूर थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जी. के. सुब्बय्या 29.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जी. के. सुब्बय्या | 20,02363.7% | |
| 2 | एन. लोकय्या नाईक | 10,86634.6% | |
| 3 | एम. के. नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 5371.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (190वाँ), सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 190वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJS को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
विराजपेट से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट BJS से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 60.6% से घटकर 50.2% रह गया।
- 1967एन. एल. नाईक (BJS), जीत का अंतर 4.8%
- 1972जी. के. सुब्बय्या (INC), जीत का अंतर 29.1%