कृष्णराजनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एच. बी. केंचेगौडा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 37.9% वोट पाकर कृष्णराजनगर सीट जीती और एच. एल. थिम्मेगौड़ा (NCO) को 5,078 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 118 ब्रह्मावर थी।
विजेता
12.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एच. बी. केंचेगौडा | 15,60437.9% | |
| 2 | एच. एल. थिम्मेगौड़ा | 10,52625.6% | |
| 3 | एम. बसवराजू निर्दलीय | निर्दलीय | 9,39522.8% |
| 4 | जी. एस. गंगैया निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7756.7% |
| 5 | केंपेगौड़ा | 1,0822.6% | |
| 6 | लक्ष्मणेगौडा निर्दलीय | निर्दलीय | 8812.1% |
| 7 | एम. ए. जवरेगौडा निर्दलीय | निर्दलीय | 6901.7% |
| 8 | एल. के. सिद्दप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (83वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 83वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कृष्णराजनगर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 69.8% से घटकर 65.6% रह गया।
- 1967एम. बसवराजू (IND), जीत का अंतर 9.8%
- 1972एच. बी. केंचेगौडा (INC), जीत का अंतर 12.3%