हुनसूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
यू. करिअप्पा गौउड़ा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 51.5% वोट पाकर हुनसूर सीट जीती और एच. होंबे गौउड़ा (NCO) को 13,751 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 117 उडुपी थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — यू. करिअप्पा गौउड़ा 27.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | यू. करिअप्पा गौउड़ा | 25,71151.5% | |
| 2 | एच. होंबे गौउड़ा | 11,96024.0% | |
| 3 | एस. संजीवय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 8,09316.2% |
| 4 | एम. एल. नंजराजे अर्स निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6675.3% |
| 5 | महादेवराव कदम | 9401.9% | |
| 6 | के. आर. शिवरामे गौउड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 5251.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (76वाँ), सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 76वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, NCO और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हुनसूर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 58.7% से घटकर 51.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 68.5% से घटकर 66.2% रह गया।
- 1967डी. वी. देवराज (INC), जीत का अंतर 19.6%
- 1972यू. करिअप्पा गौउड़ा (INC), जीत का अंतर 27.6%