नरसिंहराजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
अज़ीज़ सैत (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 64.2% वोट पाकर नरसिंहराज सीट जीती और ए. रामन्ना (JPP) को 12,330 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 109 सुल्लिया थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अज़ीज़ सैत 44.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अज़ीज़ सैत | 17,78464.2% | |
| 2 | ए. रामन्ना JPP | JPP | 5,45419.7% |
| 3 | रशीद अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,35512.1% |
| 4 | मैना गोपालकिष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 8693.1% |
| 5 | बी. एच. खलील खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.5% |
| 6 | एम. आर. आर. भागवतार निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (208वाँ), सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 208वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और JPP को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नरसिंहराज से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 52.4% से घटकर 44.5% रह गया।
- 1967ए. सैत (SSP), जीत का अंतर 10.4%
- 1972अज़ीज़ सैत (INC), जीत का अंतर 44.5%