मंड्याविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एम. एच. बोरौइया (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 49.3% वोट पाकर मंड्या सीट जीती और के. वी. शंकरगौडा (NCO) को 147 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 100 हिरियूर थी।
विजेता
मंड्या का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 147 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. एच. बोरौइया | 28,55249.3% | |
| 2 | के. वी. शंकरगौडा | 28,40549.0% | |
| 3 | एस. के. गुंडू राव | 9531.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (94वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 94वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और NCO को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मंड्या से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.5% से घटकर 49.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 73.2% से घटकर 64.3% रह गया।
- 1967नागप्पा (INC), जीत का अंतर 7.1%
- 1972एम. एच. बोरौइया (INC), जीत का अंतर 0.3%