हुनगुंदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
शिवलिंगप्पा रुद्रप्पा कांति (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 66.7% वोट पाकर हुनगुंद सीट जीती और गैगय्या पडदप्पय्या नंजयनमठ उर्फ़ परय्या (निर्दलीय) को 11,583 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 22 हिरेकेरूर थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 22 कलमला है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शिवलिंगप्पा रुद्रप्पा कांति 38.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिवलिंगप्पा रुद्रप्पा कांति | 20,01066.7% | |
| 2 | गैगय्या पडदप्पय्या नंजयनमठ उर्फ़ परय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 8,42728.1% |
| 3 | सरदार बसवराज करबासप्पा नागूर LSS | LSS | 1,0243.4% |
| 4 | तुकारामप्पा गोविंदप्पा भंडारी | 5361.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।