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मैसूर · विधान सभा सीट नंबर 184

पांडवपुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962

बी. वाई. नीलेगौडा (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 45.3% वोट पाकर पांडवपुरा सीट जीती और एन. ए. चन्नेगौडा (निर्दलीय) को 3,005 वोटों से हराया।

1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में कोई सीट नंबर 184 नहीं थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 184 रामदुर्ग है।

विजेता

बी. वाई. नीलेगौडा
INC 45.3%निर्दलीय 35.6%1 अन्य 19.0%
मिले वोट
14,089
मतों का 45.3%
जीत का अंतर
3,005
कुल वोटों का 9.7%
उम्मीदवार
3
मतदान प्रतिशत
60.9%
54,928 मतदाताओं में से

9.7% के अंतर से साफ़ जीत।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

3 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
बी. वाई. नीलेगौडा
14,08945.3%
2
एन. ए. चन्नेगौडा
निर्दलीय
निर्दलीय
11,08435.6%
3
डी. हलगेगौडा
5,91419.0%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
9.7%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
61%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

INC, एक निर्दलीय और PSP को 100% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.71

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
208 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 105

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
45.3%INC की जीत
INC 45.3%निर्दलीय 35.6%PSP 19.0%

यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

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ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।