चिकपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
वाई. रामचंद्र (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 44.5% वोट पाकर चिकपेट सीट जीती और के. एम. नागंना (निर्दलीय) को 4,347 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 162 गुंडलुपेट थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 162 कुमटा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — वाई. रामचंद्र 17.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वाई. रामचंद्र | 10,77744.5% | |
| 2 | के. एम. नागंना निर्दलीय | निर्दलीय | 6,43026.5% |
| 3 | जी. ई. हूवर निर्दलीय | निर्दलीय | 3,77515.6% |
| 4 | के. थोप्पलन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8917.8% |
| 5 | गुंडय्या शेट्टी | 1,3535.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।