मल्लेश्वरमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
के. देवाया (निर्दलीय) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 22.4% वोट पाकर मल्लेश्वरम सीट जीती और के. श्रीरामुलु (INC) को 265 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 160 बिलिगेरे थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 160 सिरसी है।
विजेता
मल्लेश्वरम का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 265 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. देवाया निर्दलीय | निर्दलीय | 8,09722.4% |
| 2 | के. श्रीरामुलु | 7,83221.7% | |
| 3 | बी. वेंकटसुब्बा राव | 5,43815.1% | |
| 4 | टी. पार्थसारथी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,25014.5% |
| 5 | ए. नागेश राव | 4,52412.5% | |
| 6 | अन्नियप्पन | 2,6487.3% | |
| 7 | एस. बी. श्वेताद्रि | 9852.7% | |
| 8 | जयराम REP | REP | 7922.2% |
| 9 | बी. दशरथ राव निर्दलीय | निर्दलीय | 5711.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 59% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।