पिरियापट्टणविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1958
के.एम. देवय्या (INC) ने 1958 के विधान सभा उपचुनाव में 41.1% वोट पाकर पिरियापट्टण सीट जीती और टी. वेंकटराम (निर्दलीय) को 3,706 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में कोई सीट नंबर 165 नहीं थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 165 कब्बनपेट है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — के.एम. देवय्या 15.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के.एम. देवय्या | 9,85041.1% | |
| 2 | टी. वेंकटराम निर्दलीय | निर्दलीय | 6,14425.6% |
| 3 | बी.एन. कुट्टप्पा COM | COM | 4,09317.1% |
| 4 | जी.एम. गोपालकृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 3,89716.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिरियापट्टण से कौन जीता, 1957
- 1957एन. आर. सोमन्ना (INC), जीत का अंतर 36.2%