चितलदुर्गविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
मुल्का गोविंदा रेड्डी (SP) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 43.1% वोट पाकर चितलदुर्ग सीट जीती और एस. रंगा राव (INC) को 662 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 78 होसपेट है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मुल्का गोविंदा रेड्डी 2.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुल्का गोविंदा रेड्डी SP | SP | 11,49843.1% |
| 2 | एस. रंगा राव | 10,83640.6% | |
| 3 | ओ. वीरबसप्पा KMPP | KMPP | 4,33016.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SP, INC और KMPP को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।