गुंडलुपेट हेग्गडदेवनकोटेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में गुंडलुपेट हेग्गडदेवनकोटे से 2 सदस्य चुने गए: एच. के. शिवरुद्रप्पा (निर्दलीय) और सिद्दय्या उर्फ़ कुन्नय्या (निर्दलीय)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 53 बीदर है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। एच. के. शिवरुद्रप्पा 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एच. के. शिवरुद्रप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 18,46923.3% |
| 2 | जी. ए. अब्दुल गफूर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 15,36019.4% |
| 3 | एम. डी. शिवप्पा | 12,72616.1% | |
| 4 | सिद्दय्या उर्फ़ कुन्नय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 12,60815.9% |
| 5 | के. लिंगप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 10,27413.0% |
| 6 | पी. वेंकटरमणा | 9,74712.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।