नंजनगूडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में नंजनगूड से 2 सदस्य चुने गए: एम. लिंगन्ना (निर्दलीय) और एम. मादय्या (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 48 मुद्देबिहाल है।
विजेता
नंजनगूड का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 344 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. लिंगन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 11,12220.9% |
| 2 | बी. एन. एस. आराध्य निर्दलीय | निर्दलीय | 10,77820.3% |
| 3 | डी. एम. सिद्दय्या | 8,56516.1% | |
| 4 | एम. मादय्या | 6,93013.1% | |
| 5 | एम. सी. बिलिगिरि रंगय्या | 6,27711.8% | |
| 6 | एन. एस. लिंगप्पा KMPP | KMPP | 5,1149.6% |
| 7 | बी. बसवय्या KMPP | KMPP | 4,3228.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।