मैसूर तालुकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
शिवनंजे गौउड़ा (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 32.9% वोट पाकर मैसूर तालुक सीट जीती और एम. सी. महादेव स्वामी (निर्दलीय) को 2,107 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 47 बागेवाडी है।
विजेता
14.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिवनंजे गौउड़ा | 4,88332.9% | |
| 2 | एम. सी. महादेव स्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,77618.7% |
| 3 | टी. सी. होन्नप्पा KMPP | KMPP | 2,46016.6% |
| 4 | एच. के. कुमारस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,43316.4% |
| 5 | के. सिद्दय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1,85912.5% |
| 6 | एम. एस. बसवन्ना | 4423.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।